संदीप काला जठेड़ी से गठजोड़ कर बढ़ाई साख
राहुल शर्मा
दिल्ली। लॉरेंस के यूं तो कई गैंगस्टरों से संबंध हैं मगर खासकर दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा पंजाब में इसका रसूख तब बढ़ा जब इसने हरियाणा के कुख्यात बदमाश संदीप काला जठेड़ी के साथ गठजोड़ किया।
हरियाणा के कुख्यात अपराधी संदीप उर्फ काला जठेड़ी के साथ लॉरेंस की जोड़ी से राजकुमार उर्फ राजू बसोदी, नरेश सेठी और अनिल छिप्पी सहित गिरोह के अन्य अहम सदस्यों से भी जुड़ गए हैं।
सूबे गूजर-आनंदपाल को भी जोड़ा
लॉरेंस बिश्नोई और काला जठेड़ी के गठबंधन के शुरुआती विस्तार में गुरुग्राम के कुख्यात बदमाश सूबे गुज्जर और राजस्थान के शातिर आनंदपाल सिंह भी जुड़ गए। इनके जुड़ने के साथ इस गैंग का वर्चस्व लगातार बढ़ता चला गया।
इनके नेटवर्क में सोशल मीडिया के जरिये सदस्यों की तादात भी तेजी से बढ़ने लगी। हालाकि इन्होंने जितेंद्र गोगी नाम के शातिर से भी हाथ मिला लिया। लेकिन उसका अंत प्रतिद्वंद्वी गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की रची गई साजिश में हो गया।
ताकत बढ़ाने के लिए बनाई रणनीति
लॉरेंस और उससे जुड़े अन्य गिरोहों ने अपने विस्तार के लिए एक अहम रणनीति बनाई। इस रणनीति के तहत दुश्मन का दुश्मन दोस्त बनाने लगे।
गिरोहों के बीच मुकाबले का फायदा उठाते हुए ये क्षेत्रों पर अपनी पकड़ मजबूत करने और अपनी शक्ति को मजबूत करने के लिए अस्थायी गठबंधन बनाने लगे और आज उत्तर भारत के सबसे मजबूत गैंग बने हैं।