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Old Pension Scheme: पुरानी पेंशन स्कीम को लेकर सामने आई बड़ी जानकारी, सरकार ले सकती है बड़ा फैसला, जानें पूरी खबर

महाराष्ट्र सीएम एकनाथ शिंदे का कहना है कि सरकार शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों, गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए पुरानी पेंशन योजना और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षण के बारे में भी सकारात्मक है।
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Pension: देश में काफी लंबे समय से पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग उठ रही है। केंद्रीय कर्मचारी पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की   सरकार से मांग कर रहे हैं। हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने पुरानी पेंशन स्कीम को लेकर अपना फैसला सुनाया है। हालांकि हाईकोर्ट के फैसले के पहले ही कई राज्य इस व्यवस्था को लागू कर चुके हैं। अब पुरानी पेंशन स्कीम को लेकर महाराष्ट्र  की शिंदे सरकार ने कहा है कि, पुरानी पेंशन स्कीम शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए सकरात्मक है। 

पुरानी पेंशन योजना

महाराष्ट्र सीएम एकनाथ शिंदे का कहना है कि सरकार शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों, गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए पुरानी पेंशन योजना और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षण के बारे में भी सकारात्मक है। इसलिए राज्य का शिक्षा विभाग मंत्रालय पुरानी पेंशन स्कीम पर अध्ययन कर रहा है। 

क्या है पुरानी पेंशन योजना

पुरानी पेंशन स्कीम को देश के कई राज्य अपने यहां लागू कर चुके हैं, जिसमें राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं। इन राज्यों की सरकारों ने अपने राज्य में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) को लागू कर दिया है। पुरानी पेंशन स्कीम के लाभ की बात करें तो इसके तहत सरकार कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद पूरी पेंशन राशि का भुगतान करती है और रोजगार की अवधि के दौरान पेंशन की रकम कर्मचारी सैलरी से नहीं काटी जाती है। 

वाजपेयी सरकार ने लागू की थी एनपीएस 

पुरानी पेंशन स्कीम को एनडीए सरकार ने साल 2004 में बंद कर दिया था और इसकी जगह पर अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन स्कीम की शुरुआत की थी। पुरानी पेंशन स्कीम के तहत सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को एक साल में दो बार बढ़ा हुआ महंगाई भत्ते मिलता है।

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