home page

Bowel Cancer: बॉवेल कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं? इलाज के दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए

 |  | 1674126048473
health

What is Bowel Cancer: अन्य बीमारियों की तरह कैंसर भी अब बहुत सामान्य होता जा रहा है। आंत का कैंसर सबसे आम कैंसर की श्रेणी में आ गया है। बता दें कि यह कैंसर बड़ी आंत में कोलन के अंदर विकसित होता है, जो कोलन और रेक्टम से मिलकर बना होता है। बाउल कैंसर को कभी-कभी कोलन या रेक्टल कैंसर भी कहा जाता है। आंत्र कैंसर के प्राय: प्रारंभिक चरण में कोई लक्षण नहीं होते हैं। यही वजह है कि डॉक्टर हाई रिस्क वाले या 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को स्क्रीनिंग की सलाह देते हैं।


इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं?

किसी भी संकेत और लक्षण के लिए जागरूक और सतर्क रहना महत्वपूर्ण है, खासकर यदि आप रोग विकसित होने के उच्च जोखिम में हैं। आइए जानते हैं इसके शुरूआती लक्षणों के बारे में-

  • दस्त
  • कब्ज़ होना
  • मल की संगति में परिवर्तन
  • शौचालय का उपयोग करने की आवृत्ति में परिवर्तन
  • आपके मल में खून

लक्षणों को हल्के में न लें
डॉक्टरों के अनुसार, मलाशय से खून बहना कभी-कभी बॉवेल कैंसर का पहला और सबसे ध्यान देने योग्य संकेत हो सकता है। मलाशय से खून आना और मलत्याग की आदत में बदलाव इसके सामान्य लक्षणों में माने जाते हैं। इसके अलावा पेरिअनल लक्षणों के अभाव में मलाशय से खून आना भी बॉवेल कैंसर का संकेत हो सकता है।

पेरि-एनल लक्षण गुदा के आसपास के क्षेत्र को प्रभावित करने वाली समस्याओं को संदर्भित करते हैं, जैसे कि खुजली और दर्द। बड़ी आंत में होने वाले कैंसर को आंत का कैंसर कहा जाता है। इसके शुरुआती लक्षणों में अचानक से वजन कम होना, थकान महसूस होना, गुदा में गांठ होना शामिल है। अगर आपको इस तरह की परेशानी हो रही है तो आपको तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

पर्याप्त पानी पियें
बता दें कि बॉवेल कैंसर के इलाज के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इस दौरान आपको करीब 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। साथ ही इस बात पर भी विचार करें कि आपकी जीवनशैली में कैफीन की मात्रा को किस मात्रा से कम किया जाना चाहिए

Tags