home page

Chanakaya Niti: आपका ऐसा व्यवहार शत्रु को पहुंचाता है गहरी चोट, सारे पैंतरे हो जाएंगे फेल

 |  | 1663821325117
Chanakaya Niti

Chanakaya Niti: हर व्यक्ति के कुछ अच्छे दोस्त होते हैं और कुछ कड़वे दुश्मन। आचार्य चाणक्य (Charya Chanakya) ने मित्र और शत्रु की परीक्षा के विषय पर अपने सुझाव दिए हैं। चाणक्य ने स्वयं अपने ही युग में घनानंद को हराकर इतिहास रच दिया था। चाणक्य ने एक व्यक्ति को ऐसा काम करने की सलाह दी है कि उसका दुश्मन हमेशा मुसीबत में रहेगा। अगर आप इसे अपनी आदत बना लेंगे तो दुश्मन के सारे युद्धाभ्यास विफल हो जाएंगे और जीत आपकी होगी।

खुश रहेंगे तो शत्रु को मिलेगी सजा

  • शत्रु को संकट में देखने के लिए शत्रु वह सब कुछ करता है जिससे उसे कष्ट होता है। ऐसे में अगर आप उसके सामने हमेशा खुश रहते हैं तो उसकी हर हरकत नाकाम हो जाएगी और यही उसके लिए सबसे बड़ी सजा होगी। कोई भी बाल इंसान के खुशनुमा मूड को खराब नहीं कर सकता। दुख व्यक्ति को मानसिक रूप से कमजोर बना देते हैं। अगर आप उनसे उभरकर खुश रहना सीख गए तो जाने-पहचाने दुश्मन आप पर कभी हावी नहीं हो पाएंगे।
  • विपरीत परिस्थितियों में भी जब कोई व्यक्ति अपने आप को खुश रखता है तो यह दुश्मन के मुंह पर जोरदार तमाचा है। दर्द ऐसा होता है कि दुश्मन उसका मनोबल तोड़ देता है। हंसी से हर समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। इससे विरोधियों का मनोबल कमजोर होता है। ऐसे में उसकी हार तय है।
  • चाणक्य कहते हैं कि कुछ लड़ाइयाँ बल से नहीं बल्कि बुद्धि से जीती जाती हैं। चाणक्य (Chanakaya Niti) के अनुसार दुश्मन कितना भी ताकतवर क्यों न हो, अगर आप हर हाल में खुश रहने की आदत डाल लेंगे तो दुश्मन के लिए ऐसा दर्द होगा कि कोई दवा नहीं है। एक समय आएगा जब शत्रु आपके व्यवहार के आगे घुटने टेक देगा। यदि शत्रु का स्वभाव बुरा हो तो व्यक्ति को विपरीत दिशा में व्यवहार करना चाहिए। इससे वह भ्रमित होगा और उसकी रणनीति विफल हो जाएगी।

Tags