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Republic Day 2023: सबसे अलग है भारत का संविधान, जानिए रोचक बातें

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Republic Day 2023: हमारे संविधान ने भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए उनके अधिकार Republic Day 2023 और कर्तव्य निर्धारित किए हैं। आजादी के लगभग तीन साल बाद भारत का संविधान लागू हुआ। यानी संविधान को बनने में दो साल से ज्यादा का वक्त लगा।

सरकार अधिनियम लागू

1950 से पहले देश में भारत सरकार अधिनियम लागू था, जिसे 26 जनवरी 1950 को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था। हालांकि संविधान निर्माण की तैयारी देश की आजादी से पहले ही शुरू हो गई थी। 9 दिसंबर 1946 को संविधान निर्माण के लिए पहली बैठक हुई। वहीं, 29 अगस्त 1947 को आजादी के समय संविधान सभा की ड्राफ्टिंग कमेटी का गठन किया गया था।

संविधान का प्रारूप

उस समय ड्राफ्टिंग कमेटी में कुल सात सदस्य थे, जिन्होंने संविधान का प्रारूप तैयार किया। ये सदस्य थे डॉ. भीम राव अम्बेडकर, एन. गोपालस्वामी अयंगर, अलादी कृष्णास्वामी अय्यर, डॉ. के.एम. मुंशी, सैयद मोहम्मद सादुल्ला, एन. माधव राव और टी.टी. कृष्णमाचारी। साथ ही संविधान सभा ने बीएन राव को संवैधानिक सलाहकार नियुक्त किया था।

संविधान की प्रारूप समिति

यद्यपि संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 379 थी, जिनमें से 15 महिलाएँ थीं। संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अम्बेडकर थे। अंबेडकर ने अल्पसंख्यकों के अधिकारों से जुड़े लेखों पर बहस के दौरान अपनी बात सबके सामने रखी.

Disclaimer: खबर में दी गई जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है। हालांकि इसकी नैतिक जिम्मेदारी द Midpost की  नहीं है। आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से जरूर संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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