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Special Care Of Elders: सर्दियों में घर के बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान, इस तरह से करें बूढ़े माता-पिता की देखभाल

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Special Care Of Elders
Special Care Of Elders: सर्दियां धीरे-धीरे दस्तक दे चुके हैं ऐसे में बुजुर्गों की खास देखभाल करने की जरूरत होती है बदलते मौसम में अगर लापरवाही की जाए तो परेशानियां काफी बढ़ सकती हैं इसलिए अगर आपके घर में भी कोई बड़े बुजुर्ग या आपके माता पिता है तो हम इस आर्टिकल में कुछ ऐसे खास टिप्स Special Care Of Elders लेकर आए हैं जिनकी मदद से आप सर्दियों में बुजुर्गों की देखभाल कैसे कर सकेंगे आपको सहायता मिलेगी।

सर्दियों में जिस तरह से आप एक बच्चे की केयर करते हैं उसी तरह बुजुर्ग माता-पिता भी होते हैं बुढ़ापे में वह एक बच्चे के समान ही होते हैं जिसकी सेवा का कारभार एकदम बच्चों की तरह करना होता है सर्दियों में हमारे शरीर की इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होने लगती है जिसके कारण हमें मौसमी परेशानियां झेलने को मिलता है जैसे कि कई तरह के संक्रमण बढ़ जाते हैं साथ ही बुजुर्गों में ज्यादातर खतरा हड्डियों और जोड़ों के दर्द संबंधित होती है इसलिए सर्दियों के मौसम में बुजुर्गों को खास देखरेख की जरूरत होती है।

सर्दियों में वायरल से बचें

सर्दियों में बुजुर्गों को यदि ठंड लग जाए तो हम इलाज कराने दौड़ते हैं जबकि यह कोई बीमारी नहीं है इससे बस सावधानी बरती जा सकती है ठंड के मौसम में ठंडी हवा ठंडा पानी इन सभी चीजों से बच कर रहना चाहिए ज्यादा उम्र होने पर वैसे ही इम्यूनिटी कम हो जाती है हाथ पैर धीरे-धीरे काम नहीं करते इस वजह से शरीर में गर्मी पैदा करना होता है वही अगर सर्दियों की बात करें तो ठंड में बुजुर्गों को ज्यादातर सांस संबंधी परेशानियां घेर लेते हैं।

सर्दियों में इस तरह रखे बुजुर्गों का ख्याल

बच्चों या अन्य लोगों की तुलना में बुजुर्गों को ज्यादा ठंड लगती है, इसलिए जरूरी है कि वे गर्माहट महसूस करते रहें। इसके लिए कमरे में बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल करें। ठंडी रातों में खिड़कियां और दरवाजे बंद कर दें और उन्हें पर्याप्त कपड़े पहनने के लिए प्रोत्साहित करें

घर में मौजूद बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो या अस्थमा की समस्या हो तो गर्म तेल से उनकी पीठ की मालिश करें। अगर बुजुर्गों को लगातार कंपकंपी महसूस हो रही हो तो उन्हें खाने में ऐसी चीजें दें जो शरीर के लिए गर्म हों। डॉ. आयुष पांडेय के मुताबिक लगातार नाक बहना, बार-बार छींक आना, नाक बंद होना, हल्का बुखार, सीने में तकलीफ आदि को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

बढ़ती उम्र के साथ फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है। इससे बुजुर्गों को भी कई तरह की परेशानी होती है। ऐसे में उन्हें हल्के योग आसन करने या कुछ देर टहलने के लिए प्रोत्साहित करें। बुजुर्ग नियमित रूप से हल्का व्यायाम करें तो इससे सुस्ती और जकड़न की समस्या कम हो जाती है।

Disclaimer: खबर में दी गई जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है। हालांकि इसकी नैतिक जिम्मेदारी द Midpost की  नहीं है। आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से जरूर संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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