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Worlds Expensive Shawl: इस शॉल को खरीदने के लिए बेचनी पड़ सकती है प्रॉपर्टी, कीमत जानकर रह जाएंगे हैरान

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Worlds Expensive Shawl
Worlds Expensive Shawl: सर्दियां आ चुकी है ऐसे में आप भी शॉल तो इस्तेमाल करते ही होंगे लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शॉल के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी कीमत लाखों रुपए में है और आप इसे भारत में नहीं खरीद सकते क्योंकि इसे भारत में बैन किया गया है चलिए जानते हैं क्या है इस साल Worlds Expensive Shawl की कीमत और क्यों भारत में नहीं मिलती।

सर्दियों का मौसम आ चुका है ऐसे में आप लोग शॉल और स्वेटर का इस्तेमाल कर रहे हैं कई लोग ऐसे होते हैं जो शॉल खरीदते हैं खुद को स्टाइलिश लुक देने के लिए क्योंकि यह बेहद क्लासी लुक देता है और किसी भी उम्र के लोगों पर जचता है लेकिन सभी लोग ऐसे हैं जो नॉर्मल से ब्रांड के शॉल ही इस्तेमाल करते हैं और छोटी रकम देकर शॉल खरीद लेते हैं वही आपने पशमीना नाम तो सुना ही होगा यह सबसे महंगी शॉल है बहुत कम ही लोग ऐसे हैं जो इसे खरीद पाते हैं बाजार में ऐसे भी शोर है जो पशमीना को पीछे छोड़ रहे हैं जी हां हम बात कर रहे हैं शहतूश के साल की जो 1500000 रुपए की मिल रही है जिसे आप भारत में तो बिल्कुल ही नहीं खरीद सकते।

कैसा होता है शहतुष का शॉल

शहतूष के नाम की बात करें तो यह शॉल बहुत महंगा होता है इसका पार्षद शब्द है शहतूश जिसका मतलब होता है किंग ऑफ शॉल यानी उनो का राजा यह सबसे अच्छी कैटेगरी काउंट होता है लेकिन अब सवाल उठता है कि यह इतना महंगा क्यों है हमारे भारत सरकार ने इस साल पर भारत ने बैन लगा दिया है क्योंकि यह शहतूश और चीरू के बाल से बनाया जाता है और शॉल को बनाने में 4 से 5 चीरू को जान से मारा जाता है तब जाकर 1 साल तैयार होता है इसलिए सरकार ने इसे भारत में बैन कर दिया है।

इतने समय से बन रहा है शॉल

माना जाता है कि शॉल की उत्पत्ति 16वीं शताब्दी में मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल के दौरान हुई थी। ऐसा माना जाता है कि अकबर इन शालों का बहुत शौकीन था और उनमें से कुछ का उसका मालिक था। वास्तव में मुगल शासन के दौरान शॉल के कारखाने खूब फले-फूले। यह कश्मीर में आय का मुख्य स्रोत बन गया था। शाहजहाँ के शासन काल में शाहतोष शॉल का प्रयोग केवल राजघरानों में ही किया जाता था, परन्तु बदलते समय के साथ इस कमल को भी लोगों ने खरीद लिया और यह प्रतिष्ठा का प्रतीक बन गया।

Disclaimer: खबर में दी गई जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है। हालांकि इसकी नैतिक जिम्मेदारी द Midpost की  नहीं है। आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से जरूर संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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