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Raj Bawa: कौन है वो खिलाड़ी जिसे कहा जा रहा है टीम इंडिया का अगला हार्दिक पंड्या

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Raj Bawa

Raj Bawa: न्यूजीलैंड ए टीम इस वक्त भारत दौरे पर है। टेस्ट सीरीज के बाद वनडे सीरीज होनी है। एक तरफ विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को इंडिया ए टीम की कमान सौंपी गई है और संजू की अगुआई वाली इस टीम में पृथ्वी साव के साथ कई ऐसे युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जा सकता है। उनके पास मौका रहेगा कि वो अपने प्रदर्शन से भारतीय टीम में वापसी का रास्ता बनाएं। 19 साल के राज बावा उन्हीं में से एक हैं, जिन्हें सेलेक्शन डिपार्टमेंट में हार्दिक पंड्या के विकल्प के रूप में देख रहे हैं। लेकिन सबसे पहले राज बावा के बारे में जान लें और क्यों उनमें पंड्या का भविष्य देखा जा रहा है।

Under-19 वर्ल्ड कप की खोज
भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले राज बावा मीडियम पेसर और बाएं हाथ के मिडिल ऑर्डर बैटमैन हैं। राज ने चंडीगढ़ के लिए सिर्फ दो रणजी मैच खेले हैं। लेकिन माना जाता है कि सिलेक्शन कमिटी हार्दिक पंड्या के लिए विकल्प तैयार करना चाहती है। हार्दिक को चोटिल होने से बचाने के लिए उनके वर्कलोड मैनेजमेंट पर ध्यान देना पड़ रहा है। बता दें कि राज बावा ने इस साल हुए अंडर-19 World Cup में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने टीम इंडिया के लिए 6 मैचों में कुल 9 विकेट लेने के साथ 252 रन बनाए थे, जिसमें युगांडा के खिलाफ उनकी 162 रनों की नाबाद पारी भी शामिल था।

फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर
शिवम दुबे और विजय शंकर ऑलराउंडर्स हैं जिन्हे इस बीच आजमाया गया लेकिन वे अंतरराष्ट्रीय स्तर खुद पर को साबित करने में विफल रहे। ऐसे में सेलेक्शन कमेटी Fast Bowling ऑलराउंड्स का एक पूल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। भारत के पास अच्छी बल्लेबाजी के साथ तेज गेंदबाजी करने वालों की संख्या काफी कम है। न्यूजीलैंड-ए के खिलाफ सीरीज में Selection Commette को राज बावा की क्षमता का आकलन करने का मौका मिलेगा।

हॉकी ओलिंपिक मेडलिस्ट से है रिश्ता

  • राज अंगद बावा हॉकी मेडलिस्ट त्रलोचन बावा के पोते हैं।
  • राज सिर्फ पांच साल के थे जब उनके olympic hocky medalist दादा त्रलोचन बावा का निधन हो गया।
  • वो 1948 लंदन ओलिंपिक गेम्स में भारतीय टीम का हिस्सा थे।
  • चंडीगढ़ के रहने वाले राज को घर से ही स्पोर्ट्स का माहौल मिला।
  • उनके पिता सुखविंदर हरियाणा जूनियर टीम के लिए हॉकी खेलते थे। 
  • पिता ने 1988 में अंडर-19 कैम्प के लिए भी सिलेक्ट हुए।
  • स्लिप डिस्क इंजरी के चलते मजबूरन महज 22 साल की उम्र से क्रिकेट कोचिंग में रच-बस गए।

इस खिलाड़ी के कोच थे राज के पापा
दिलचस्प बात ये है कि राज वैसे तो दाएं हाथ के पेसर हैं लेकिन बल्लेबाजी लेफ्ट हैंड से करते हैं। दरअसल Yuvraj Singh के करीब आने के बाद उन्होंने अपना स्टाइल बदला। युवराज सिंह, राज के पिता के अंडर ट्रेनिंग किया करते थे। इसीलिए शायद वो राज के लिए हीरो हैं। युवी की ही तरह वो भी 12 नंबर की जर्सी पहनते हैं। वैसे तो राज पहले एक्टर बनना चाहते थे लेकिन कोच पिता के साथ स्टेडियम मैच देखने गए तो तभी से मन बना लिया कि अब गेंद और बल्ला ही थामना है।

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