Rekha Gupta Action: दिल्ली में भाजपा की सरकार आते ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासनिक सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें शुरू कर दी हैं और कई बड़े फैसले लिए हैं। इनमें सबसे अहम यह है कि आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और उनके पदाधिकारियों को मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाएं तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई हैं। इसके अलावा, मोहल्ला क्लीनिक और अन्य सरकारी योजनाओं की जांच की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
Rekha Gupta सरकार ने यह निर्णय लिया है कि जो अधिकारी आम आदमी पार्टी के शासन के दौरान एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरित किए गए थे, उन्हें अब अपनी पूर्व पोस्ट पर वापस बुलाया जाएगा। यह कदम प्रशासनिक सुधारों का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि सरकार के कार्यों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, Rekha Gupta सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक के संचालन की भी समीक्षा शुरू कर दी है। इसके तहत वहां पर दिए जा रहे उपचार, दवाइयां और मरीजों का इलाज भी जांच के दायरे में होगा। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि किस प्रकार की दवाइयां और टेस्ट के लिए मरीजों को भेजा जाता था। यह कार्रवाई आम आदमी पार्टी के शासनकाल में लागू की गई योजनाओं की समीक्षा के तहत हो रही है।
Rekha Gupta सरकार की तरफ से यह भी संकेत दिए गए हैं कि यदि किसी योजना में खामियां या भ्रष्टाचार पाया गया, तो संबंधित अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रक्रिया को लेकर सरकार ने अपनी रिपोर्ट तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया है।
Rekha Gupta Govt के 5 बड़े फैसले: प्रशासनिक फेरबदल, मोहल्ला क्लीनिक और DTC की जांच, महिलाओं की फ्री राइड जारी
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के दौरान महिलाओं को 2500 रुपए देने का वादा किया गया था, लेकिन शपथ ग्रहण के बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में यह योजना पास नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि रेखा गुप्ता ने चुनावी प्रचार के दौरान इस योजना को लागू करने का वादा किया था, तो अब इसे क्यों रोका गया?